विवाह मुहूर्त दिसंबर 2026
दिसंबर 2026 में विवाह के लिए 8 शुभ दिन हैं। हर दिन का नक्षत्र, तिथि और शुभ समय नीचे दिया गया है। गणना में नक्षत्र, तिथि, वार, खरमास, चातुर्मास, होलाष्टक, भद्रा और गुरु-शुक्र अस्त का ध्यान रखा गया है।
| तारीख | नक्षत्र · तिथि | शुभ समय |
|---|---|---|
| 2 दिसंबर, बुधवार | उत्तरा फाल्गुनी · कृष्ण दशमी | रात 10:56 से सुबह 7:01 (अगली सुबह) |
| 3 दिसंबर, गुरुवार | हस्त · कृष्ण एकादशी | रात 11:07 से सुबह 7:02 (अगली सुबह) |
| 4 दिसंबर, शुक्रवार | हस्त · कृष्ण एकादशी | सुबह 6:58 से सुबह 10:23 |
| 5 दिसंबर, शनिवार | स्वाती · कृष्ण द्वादशी | सुबह 11:49 से सुबह 7:04 (अगली सुबह) |
| 6 दिसंबर, रविवार | स्वाती · कृष्ण त्रयोदशी | सुबह 6:59 से दोपहर 1:39 |
| 10 दिसंबर, गुरुवार | मूल · शुक्ल द्वितीया | सुबह 8:47 से रात 11:57 |
| 11 दिसंबर, शुक्रवार | उत्तराषाढ़ा · शुक्ल तृतीया | रात 3:03 से सुबह 7:08 (अगली सुबह) |
| 12 दिसंबर, शनिवार | उत्तराषाढ़ा · शुक्ल तृतीया | सुबह 7:04 से दोपहर 2:09 |
अपने शहर के मुहूर्त देखें
शुभ समय हर शहर के सूर्योदय के अनुसार थोड़ा बदलता है। कोष्ठक में इस महीने के मुहूर्तों की संख्या है।
- लखनऊ (8)
- आगरा (8)
- अहमदाबाद (8)
- अलीगढ़ (8)
- अंबाला (8)
- अमृतसर (8)
- अयोध्या (8)
- बरेली (8)
- बेंगलुरु (8)
- भोपाल (8)
- भुवनेश्वर (8)
- बीकानेर (8)
- चंडीगढ़ (8)
- चेन्नई (8)
- देहरादून (8)
- दिल्ली (8)
- फरीदाबाद (8)
- गाज़ियाबाद (8)
- गोरखपुर (8)
- गुरुग्राम (8)
- गुवाहाटी (8)
- ग्वालियर (8)
- हरिद्वार (8)
- हिसार (8)
- हैदराबाद (8)
- इंदौर (8)
- जबलपुर (8)
- जयपुर (8)
- जालंधर (8)
- जम्मू (8)
- जोधपुर (8)
- कानपुर (8)
- करनाल (8)
- कोलकाता (8)
- कोटा (8)
- लुधियाना (8)
- मेरठ (8)
- मुंबई (8)
- नागपुर (8)
- नोएडा (8)
- पानीपत (8)
- पटियाला (8)
- पटना (8)
- प्रयागराज (8)
- पुणे (8)
- रायपुर (8)
- राजकोट (8)
- रांची (8)
- रोहतक (8)
- शिमला (8)
- श्रीनगर (8)
- सूरत (8)
- उदयपुर (8)
- वडोदरा (8)
- वाराणसी (8)
पहले कुंडली मिलान करें विवाह मुहूर्त टूल
महीने के अनुसार विवाह मुहूर्त
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिसंबर 2026 में शादी की शुभ तारीखें कौन सी हैं?
2 दिसंबर, 3 दिसंबर, 4 दिसंबर, 5 दिसंबर, 6 दिसंबर, 10 दिसंबर, 11 दिसंबर, 12 दिसंबर।
विवाह मुहूर्त में किन बातों का ध्यान रखा जाता है?
शुभ नक्षत्र, तिथि और वार, साथ ही खरमास, चातुर्मास, होलाष्टक और गुरु-शुक्र अस्त के समय विवाह नहीं किया जाता।